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September 30, 2020
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क्यों मनाया जा रहा है 11-12 अगस्त को Krishna Janamashtami, जानें क्या है मूहुर्त

krishna janmashtmi

नई दिल्ली। कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janamashtami 2020) पर्व इस साल 11—12 अगस्त को मनाया जा रहा है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। कुछ लोग अष्टमी तिथि को महत्व देते हैं तो कुछ लोग रोहिणी नक्षत्र को महत्व देते हैं और उसी दिन जन्माष्टमी मनाते हैं। अष्टमी तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 बजे समाप्त हो रही है। 13 अगस्त को रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इसीलिए 11 और 12 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है।

12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र लगेगा। पंचांग के मुताबिक अष्टमी तिथि 11 अगस्त यानि आज सुबह 9 बजकर 6 मिनट से शुरू हो रही है और 12 अगस्त सुबह 11:16 बजे समाप्त हो रही है। 12 अगस्त को कृतिका नक्षत्र लगेगा। आपको बता दें कि यही कारण है कि मथुरा में जन्माष्टमी 12 अगस्त और ब्रज में 11 अगस्त को मनायी जा रही है।

ये है जन्‍माष्‍टमी के शुभ मुहूर्त

अष्‍टमी तिथि: 11 अगस्‍त सुबह 09:06 बजे से शुरू।
अष्‍टमी तिथि: 12 अगस्‍त सुबह 05:22 बजे समाप्त।
रोहिणी नक्षत्र: 13 अगस्‍त सुबह 03:27 बजे से शुरू।
रोहिणी नक्षत्र: 14 अगस्‍त सुबह 05:22 बजे समाप्त।

श्रीकृष्ण को श्री​हरि विष्णु का आठवां अवतार माना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु दिन भर व्रत रखते हैं।
मंदिरों में झांकियां निकाली जाती हैं।
हिंदू धर्म के त्यौहारों में प्रमुख है।
श्रीकृष्ण की आराधना की जाती है।
जन्माष्टमी का श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व।

जन्माष्टमी व्रत का ये है विधान?

जन्माष्टमी व्रत के अलग—अलग विधान है। श्रद्धालु जन्माष्टमी का व्रत रखते हैं। मान्यताओं के मुताबिक एक दिन पहले सिर्फ एक समय भोजन करना चाहिए। रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद व्रत खोलना चाहिए।

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