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March 2, 2021
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मै……. बोल रहा हूँ, साहब की सिटी पिट्टी हुई गुम : देखें वीडियो

पटना. शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के घूमने और अधिकारियों को फोन करने पर सियासत गरमा गई है. जेडीयू ने तेजस्वी द्वारा अधिकारियों को फोन करने पर हमला करते हुए कहा कि तेजस्वी अभी भी खुद को डिप्टी सीएम समझ रहे हैं. जनता ने चुनाव में नाकार दिया है उस झटके से बाहर नहीं निकल पा रहे है. लालू राज में शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिलता था.

जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इस मसले पर कहा कि तेजस्वी यादव के संविदा शिक्षकों के समर्थन में जाने और अधिकारियों से फ़ोन पर बात करने के अंदाज से ऐसा लगता है कि प्री पोल सिंड्रोम के दायरे से बाहर निकलने को तैयार नहीं हो पा रहे हैं. चुनाव नतीजे आ गए हैं. बिहार में नीतीश कुमार की क़द काठी के कोई नेता नहीं है. समानांतर गतिविधियाँ चलाकर तेजस्वी यादव असफल कोशिश कर रहे हैं. यह नेता प्रतिपक्ष की मर्यादा के ख़िलाफ है.

वहीं, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जिलाधिकारी के साथ तेजस्वी बर्ताव को शर्मनाक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में खुद को मालिक समझने से मुक्त होना चाहिए. यह व्यवहार ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि इसकी निंदा भी करते हैं. तेजस्वी के अंदाज पर बीजेपी ने सवाल उठाते हुए बिहार में अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया. पार्टी के नेता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि तेजस्वी अधिकारियों को हड़का रहे हैं और बिहार में अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं. यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वहीं कांग्रेस ने तेजस्वी के समर्थन में खड़े होते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते समस्याओं को उठाना फर्ज है. सरकार नौकरी की बात करती है पर जो वेकेंसी है उसे भी पूरा नहीं करती. शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों पर हो रही राजनीति को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा है कि हमें किसी राजनीति से मतलब नहीं है. सरकार हमारी बातों को मान ले हम घर चले जायेंगे.


बता दें कि बुधवार की रात शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन में उतर तेजस्वी यादव पटना के इको पार्क पहुंच गए जहां पर बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी मौजूद थे. शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच से ही तेजस्वी यादव ने पहले बिहार के मुख्य सचिव उसके बाद डीजीपी और अंत मे पटना डीएम को फोन लगाया 

डीजीपी और मुख्य सचिव ने तेजस्वी से बात की, लेकिन पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह यह समझ नहीं पाए कि बात किससे से हो रही है. लेकिन, जैसे ही तेजस्वी ने परिचय दिया तो डीएम ने ‘सर’ कहना शुरू कर दिया और मामले की गंभीरता को समझते हुए शिक्षक अभ्यर्थी को गर्दनीबाग में धरना देने की अनुमति दे दी 

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