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September 30, 2020
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CM योगी ने शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों को दी सलाह, कहा- निर्यात के लिए शिक्षक तैयार करें संस्थान

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों को शिक्षक निर्यात की संभावना तलाशने और उस उद्देश्य के साथ शिक्षक तैयार करने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक युवाओं वाला राज्य बताते हुए उन्होंने यहां से शिक्षकों के निर्यात की बड़ी संभावना जताई है। मुख्यमंत्री सोमवार को दिग्विजयनाथ एलटी कॉलेज में भारतीय संस्कृति के सांस्कृतिक मूल्य : महंत अवेद्यनाथ पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

लकीर का फकीर न बनें

उन्होंने संस्थानों को यह भी सलाह दी कि वह इसके लिए एक सेल का गठन करें, जो दुनिया में शिक्षकों की जरूरत पर काम करे और संबंधित देश की जरूरत के मुताबिक अपने यहां शिक्षक तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दे। मार्गदर्शन के अनुसार संस्थानों मेंं भाषा-कोर्स चलाने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने राज्य से बाहर निकल कर दूसरे प्रदेशों और कई देशों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों की लंबी परंपरा का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल हमारे देश के शिक्षक दुनिया को ज्ञान देने में भारतीयों की भूमिका सुनिश्चित कर सकेंगे बल्कि देश की आर्थिक समृद्धि में सहभागी बनेंगे। उन्होंने इस बात पर दुख जताया प्रदेश में शिक्षण का प्रशिक्षण कर चुके 70 प्रतिशत युवा शिक्षक पात्रता परीक्षा में फेल हो जाते हैं। इसके लिए उन्होंने अध्ययन को लेकर लकीर का फकीर न बनने की सलाह विद्यार्थियों को दी।

एमजी पीजी कॉलेज में किया वातानुकूलित प्रेक्षागृह का शिलान्यास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी पीजी कॉलेज ने शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कुछ मानक स्थापित किए हैं। शिक्षा को सर्वांगीण विकास के साथ जोड़ते हुए उन मानकों व मूल्यों को जोडऩे का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री महात्मा गांधी पीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान प्रस्तावित वातानुकूलित प्रेक्षागृह के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस संस्था के संस्थापकों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को शिक्षा देने के लिए 110 वर्ष पूर्व इसकी स्थापना की थी। उस समय संसाधनों का घोर अभाव था। अपने लिए तो हर व्यक्ति जीता है, जो समाज के लिए जीता है वही सच्चा समाजसेवी है। उन्होंने कहा कि यह समय इनोवेशन का है। हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते। हमारे युवा लकीर के फकीर बने नहीं रह सकते। हमें युवाओं को लगातार प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। सरकार युवाओं की ऊर्जा को मंच दे रही है। स्टार्टअप योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा मेक इन इंडिया इसी की कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी चीनी उद्योग यहां के आर्थिक स्वावलंबन का आधार था। 30 से 40 साल में निरंतर गिरावट आती गई और 2017 से पहले यहां की सभी चीनी मिलें बंद हो गईं। हमने इस साल एक नई चीनी मिल शुरू की है, जिसके जरिए एक हजार नौजवानों को नौकरी मिली है। 50 हजार किसान प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। एक चीनी मिल किस तरह परिवर्तन ला सकती है हम देख सकते हैं। कहा कि उप्र के अंदर सभी शहरों को वायुसेना से जोडऩे जा रहे हैं। एचएएल का डोनियर एक माह के भीतर लाने जा रहे हैं, जिससे उप्र की कनेक्टिविटी को बेहतर हो जाएगी। यूपी में पुलिस व फॉरेंसिक विश्वविद्यालय बनाने जा रहे हैं। वर्तमान में विज्ञान को फारेंसिक के साथ जोड़कर कार्य करने की जरूरत है। यदि हम समय के अनुरूप नहीं चलेंगे तो हमारा युवा पिछड़ जाएगा। महाविद्यालय इस पर ठोस प्लान उपलब्ध कराएं, शासन भरपूर सहयोग करेगा।

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