February 22, 2020
Janta ka Safar
ज्योतिष

माघ पूर्णिमा की पढ़ें 7 काम की बातें

माघ पूर्णिमा माघ मास का आखिरी दिन है। इसके अगले दिन से फाल्गुन मास शुरू हो जाएगा। पढ़ें 10 काम की बातें…

1. सभी पूर्णिमाओं में माघी पूर्णिमा का महत्व काफी अलग है। माघी पूर्णिमा पर तीर्थ की नदियों में स्नान का महत्व है, खासतौर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के संगम तट पर स्नान का विशेष महत्व है।

2 . यहां माघ में कल्पवास की परंपरा है। एक महीने तक हजारों लोग संगम किनारे रहकर व्रत और रोज संगम में स्नान करते हैं।

3. ग्रंथों में उल्लेख है माघी पूर्णिमा पर संयम से रहना, सुबह स्नान करना एवं व्रत, दान करना आदि नियम बनाए गए हैं।

4. माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र में होता है तथा सिंह राशि में स्थित होता है इसलिए यह मास माघ कहलाता है।

5. ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसलिए इस दिन गंगाजल में स्नान, आचमन या उसका स्पर्श मात्र भी पुण्य फलदायक होता है।

6. माघी पूर्णिमा पर देवता भी रूप बदलकर गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं। अत: गंगा जल और अधिक पवित्र और शुभदायक हो जाता है। इसलिए इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
7. जो व्यक्ति इस दिन प्रयाग में गंगा स्नान करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Related posts

साढ़ेसाती 2020 : जानिए शनि साढ़ेसाती में किस अंग पर पड़ता है खास प्रभाव

admin

24 जनवरी को शनि बदलेंगे अपना घर, जाने किन 5 राशियों पर पड़ेगा असर

admin

Astrology 2020 : साल बदलने से क्या बदलती है किस्मत, जानिए

admin

Leave a Comment